ईडी की कार्रवाई से प्रदेश की सियासत गरमा: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस ने भाजपा पर हमला बोला
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ईडी की कार्रवाई से प्रदेश की सियासत गरमा: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस ने भाजपा पर हमला बोला

रायपुर

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के निवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापेमारी की है. इस कार्रवाई से प्रदेश की सियासत गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भूपेश बघेल के बंगले के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस ने इसे भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करार दे रही है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भाजपा पर हमला बोला है.

भाजपा के राष्ट्रीय चरित्र द्वेषपूर्ण राजनीति का एक और उदाहरण : महंत
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा, छत्तीसगढ़िया पूर्व मुख्यमंत्री एआईसीसी राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के घर पर ED की कार्रवाई सत्तारुढ भाजपा के राष्ट्रीय चरित्र द्वेषपूर्ण राजनीति का एक और उदाहरण है. भाजपा ED, IT, CBI जैसी एजेंसियों को विपक्ष के नेताओं को डराने और दबाने के लिए इस्तेमाल कर रही है और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग अपने राजनितिक लाभ के लिये कर रही है, जो लोकतंत्र के लिये खतरा है, ये गलत परम्परा है.

चरणदास महंत ने कहा, सभी कांग्रेसजन भूपेश बघेल के साथ है और इससे डरने वाले नहीं हैं, बापू के मार्गदर्शन सत्य अहिंसा को मानने वाले लोग है इस संघर्ष को परास्त करके रहेंगे.

लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं : टीएस सिंहदेव
टीएस सिंहदेव पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा भारतीय जनता पार्टी की बी-टीम के रूप में कार्य कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हमारे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विरुद्ध की गई दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का हम कड़ा विरोध करते हैं. यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है और विपक्ष की आवाज़ को दबाने का सुनियोजित प्रयास है.

उन्होंने कहा कि मैं स्वयं इस अन्याय के विरोध में धरातल पर उतरते हुए भिलाई के लिए रवाना हो गया हूं. मैं इस विषय को लेकर पार्टी के विधायकों, वरिष्ठ नेताओं एवं संगठन के अन्य जिम्मेदार साथियों के सतत संपर्क में हूं और हम सब एकजुट होकर इस लोकतांत्रिक लड़ाई को लड़ेंगे. यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे और जनता की आवाज़ पर हमला है.

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