पीठाधीश्वर बाबा हरिदास ने ‘यमुना बचाओ यात्रा’ से जन-जागरण करने का किया ऐलान
नई दिल्ली
आज श्री प्रीतम धाम दशमेश धाम चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक/पीठाधीश्वर बाबा हरिदास ने प्रेस वार्ता में 17 नवंबर 2024 से 26 दिसंबर 2024 तक दिल्ली के सभी विधानसभा क्षेत्र में 40 दिन लगातार ‘‘यमुना बचाओ यात्रा’’ के माध्यम से जन-जागरण करने का ऐलान किया है। बाबा हरिदास के सानिध्य में उनके साथ साधु-संत, महात्मा व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। यात्रा प्रीतम धाम ठोकर नं. 14ए नियर शमशान घाट, गीता कालोनी, दिल्ली से प्रारम्भ होगी।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि आज के परिवेश में उद्योगपति लोगों द्वारा फैक्ट्रियों व कल-कारखानों के माध्यम से कैमिकल युक्त पानी नालों मंे बहाकर यमुना नदी को प्रदूषित किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार का राज्य सरकारों ने किसी एक विभाग की जिम्मेदारी तय नहीं की । जिससे यमुना सफाई के कार्य को एक विभाग दूसरे विभाग पर समस्या के निवारण के लिए टालता जाता है। सीवेज/वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के कार्य योजना को भी अत्यंत लापरवाही व धीमी गति से किया जा रहा है। जिससे 80 प्रतिशत दिल्ली की जनता दूषित पानी पीने पर मजबूर और विवश है ।
यमुना का प्रदूषित जल को तमाम विधियों से साफ करने के बाद नल, बोतलों के माध्यम से पीने योग्य बनाया जाता है। प्रदूषित जल में कहीं ना कहीं कोई कमी रह जाती है जिससे पेट की आंत्रशोध व अन्य बीमारियों के अलावा किडनी, चर्म रोग, कैंसर, हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का अनुपात बढ़ता जा रहा है । यमुना के किनारे पैदा होने वाली साग-सब्जियों ने जल और वायु प्रदूषण के चलते खाद्य असुरक्षा पैदा कर दी है। इसके अलावा यमुना की जैव विविधता तो समूल रूप से नष्ट हो गई है। मछलियां, कछुए, पानी वाले सांप आदि सभी जीव जहरीले पानी में चलते मर गए हैं। बाबा हरिदास ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उपरोक्त समय में यमुना स्वच्छ, निर्मल, अविरल बहने लगी थी तो उसमें जैव विविधता स्वतः ही देखने को मिलने लगी थी। जिसमें सभी जीव अठखेलियां कर रहे थे। इसका कारण फैक्ट्रियां, कल-कारखाने बन्द थे। आज यमुना के जीव लुप्त हो गए हैं।
आज के हालात में अनाधिकृत कालोनियों और जेजे कालोनियों, झुग्गी-बस्तियां, पटरियों व पुलों के नीचे गुजर-बसर करने वाले लोग 80 प्रतिशत जनता प्रदूषित पानी पीने को मजबूर विवश है । सरकारों के पास इच्छा शक्ति का अभाव व सही, कारगार योजना समय पर लागू न करने के कारण लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस अवसर पर ट्रस्ट के महासचिव ने डाॅ. आर.पी. सिंह ने बताया कि प्रकृति सभी धर्मों का मूल आधार है । प्रकृति ही उपचार-उपासना का प्रतीक है और जीवन दायिनी यमुना जी के स्वरूप को स्वच्छ, निर्मल, अविरल बहने के तत्व दर्शन को आत्मसात करना ही ट्रस्ट एवं समर्थक भक्तजनों का मूल उद्देश्य है।
इस अवसर पर बाबा हरीदास, डाॅ. आर.पी. सिंह और सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य गौरव दुबे के अलावा वरिष्ठ पत्रकार अमित कुमार, दिल्ली झुग्गी-झोपड़ी एकता मंच के जवाहर सिंह, मेडीसन बाबा फाउंडेशन से ओंकानाथ शर्मा, डाॅ. राजकुमार ढींगीया एडवोकेट एवं पं. अनिल शर्मा गजराज जी महाराज, जन विश्वास संगठन रजनीश शर्मा आदि लोग मौजूद थे।
